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मिस यूनिवर्स 2025: फातिमा बॉश ने थाईलैंड के निर्देशक के विवादित टिप्पणी के बाद जीता ताज

/ द्वारा parnika goswami / 18 टिप्पणी(s)
मिस यूनिवर्स 2025: फातिमा बॉश ने थाईलैंड के निर्देशक के विवादित टिप्पणी के बाद जीता ताज

जब फातिमा बॉश ने 22 नवंबर, 2025 को बैंकॉक के एक रंगीन स्टेज पर मिस यूनिवर्स 2025 का ताज अपने सिर पर रखा, तो दर्शकों की आँखों में खुशी के साथ-साथ एक अजीब सी चिंता भी थी। क्योंकि ये जीत सिर्फ एक सुंदरता प्रतियोगिता की जीत नहीं थी — ये एक अपमान, एक विरोध और एक अटूट इरादे की जीत थी। बैंकॉक के आयोजन में शामिल होने से पहले ही, बॉश को एक ऐसी घटना का सामना करना पड़ा जिसने पूरी प्रतियोगिता का माहौल बदल दिया।

विवाद की शुरुआत: एक टिप्पणी ने बदल दिया सब कुछ

प्री-फाइनल इवेंट के दौरान, नवत इत्सारग्रिसिल, मिस थाईलैंड पेजेंट के निर्देशक, ने बॉश के सामने खुले तौर पर कहा, "अगर तुम अपने राष्ट्रीय निर्देशक के आदेश मानती हो, तो तुम मूर्ख हो।" ये शब्द न सिर्फ बॉश के लिए, बल्कि पूरी प्रतियोगिता के लिए एक बिजली की तरह गूंजे। बॉश ने इस टिप्पणी के खिलाफ बात करने की कोशिश की, लेकिन इत्सारग्रिसिल ने अपनी बात दोहराई और सुरक्षा को उसे हटाने के लिए भेज दिया। बॉश ने तुरंत स्टेज छोड़ दिया — और उसके बाद, जैसे एक लहर फैल गई, कई प्रतियोगिनियाँ भी निकल गईं। यहाँ तक कि वर्तमान मिस यूनिवर्स 2024, विक्टोरिया क्जेयर थीलविग, भी समर्थन में वापस चली गईं।

क्या हुआ था वास्तव में? दो अलग कहानियाँ

इत्सारग्रिसिल ने बाद में दावा किया कि उन्होंने "मूर्ख" नहीं, बल्कि "क्षतिग्रस्त" शब्द का इस्तेमाल किया था — लेकिन वीडियो और अन्य प्रतियोगियों के बयानों के मुताबिक, शब्द स्पष्ट था। दो न्यायाधीशों ने इस घटना के बाद इस्तीफा दे दिया, और कम से कम आठ प्रतियोगिनियाँ प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इत्सारग्रिसिल के व्यवहार के खिलाफ बैंकॉक के एक बड़े होटल में एक अनौपचारिक धरना भी हुआ। इस बीच, बॉश को अपने देश में एक हीरो बना दिया गया। उसके घर, टेपा, ताबास्को, मैक्सिको, में लोगों ने उसके लिए रातोंरात जश्न मनाया।

फातिमा बॉश: एक शिक्षित, सक्रिय और अटूट आत्मा

फातिमा बॉश सिर्फ एक सुंदरता रानी नहीं हैं। वो 17 साल की उम्र में ही मिस टैबास्को जीत चुकी थीं। उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी और मैक्सिको में फैशन में स्नातक किया। उनके माता-पिता, बर्नार्डो बॉश हर्नांडेज और वैनेसा फर्नांडेज बल्बोआ, ने उन्हें शिक्षा और स्वाभिमान के साथ बड़ा किया। उनके भाई बर्नार्डो भी उनके साथ हैं — एक छोटे से शहर से निकलकर वो आज दुनिया के सबसे बड़े पेजेंट का ताज पहन चुकी हैं।

उनका काम सिर्फ पेजेंट तक सीमित नहीं है। वो एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने मैक्सिको में महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए काम किया है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करने के लिए सार्वजनिक भाषण दिए, और युवा लड़कियों को डर से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जब उन्होंने मिस यूनिवर्स मैक्सिको का ताज जीता, तो उनका विजय गीत सिर्फ एक शहर तक नहीं पहुँचा — ये पूरे देश की आवाज बन गया।

फाइनल: शांति के साथ जीत

जब फाइनल का दिन आया, तो बैंकॉक के स्टेडियम में एक अजीब सी शांति थी। कोई जोश नहीं, कोई बहुत ज्यादा नारे नहीं। बल्कि एक गहरा सम्मान। बॉश ने जवाब देते समय अपनी आवाज में भावना नहीं, बल्कि विचार लाए। उन्होंने कहा, "मैं एक सुंदरता नहीं, एक आवाज हूँ।" जब विक्टोरिया ने उन्हें ताज दिया, तो पूरा स्टेज चुप रह गया — और फिर एक लंबा, भावुक तालियों का तूफान आया।

टॉप 12 में शामिल थीं: ग्वाडेलूप, मैक्सिको, प्यूर्टो रिको, चिली, कोलंबिया, क्यूबा, कोट डी'आइवोर, वेनेजुएला, चीन, फिलीपींस, थाईलैंड और माल्टा। लेकिन जीत थी बॉश की — न कि थाईलैंड की, जिसकी प्रतियोगिनी प्रणव सिंह ने दूसरा स्थान पाया।

इतिहास का एक पल

मिस यूनिवर्स के 74 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक प्रतियोगिनी ने एक निर्देशक के व्यवहार के खिलाफ स्टेज छोड़ दिया — और फिर भी वही जीत गई। इस घटना ने दुनिया भर के पेजेंट संगठनों को अपनी नीतियों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। अब तक, कोई भी निर्देशक या ऑर्गनाइजर ने खुले तौर पर इत्सारग्रिसिल का समर्थन नहीं किया।

अगला कदम: एक नई आवाज का सफर

अब फातिमा बॉश के सामने दुनिया का दरवाजा खुला है। उन्हें यूनेस्को, WHO और महिला संगठनों के साथ काम करने के निमंत्रण मिल चुके हैं। उनकी आत्मकथा पर एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार है। उनका मकसद? उनकी जैसी हजारों लड़कियों को अपनी आवाज देना। जहाँ एक शब्द ने उन्हें अपमानित किया, वहीं एक आवाज ने पूरी दुनिया को जगा दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स जीतने के बाद क्या कहा?

फातिमा बॉश ने विजय के बाद कहा, "मैं एक सुंदरता नहीं, एक आवाज हूँ।" उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत का श्रेय उन सभी लड़कियों को है जिन्होंने उनके साथ खड़े होकर अपमान के खिलाफ विरोध किया। उनका संदेश स्पष्ट था — सुंदरता का अर्थ सिर्फ बाहरी रूप नहीं, बल्कि साहस और सच्चाई है।

नवत इत्सारग्रिसिल के व्यवहार का क्या हुआ?

इत्सारग्रिसिल को आधिकारिक रूप से निलंबित किया गया है, और मिस थाईलैंड पेजेंट के बोर्ड ने उनके खिलाफ जाँच शुरू कर दी है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मिस यूनिवर्स संगठन से भी अलग कर दिया गया है। उनके व्यवहार को बहुत सारे नेताओं ने आलोचित किया, जिनमें थाईलैंड के एक सांसद भी शामिल हैं।

इस घटना ने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता को कैसे बदल दिया?

इस घटना के बाद, मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन ने एक नया नियम लागू किया है: कोई भी निर्देशक या अधिकारी प्रतियोगियों के साथ अपमानजनक भाषा या व्यवहार नहीं कर सकता। अब हर निर्देशक को आचार संहिता की प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है।

फातिमा बॉश के बारे में क्या अज्ञात तथ्य हैं?

फातिमा बॉश को बचपन से ही लेखन पसंद था। उन्होंने 18 साल की उम्र में एक छोटी किताब लिखी थी, जिसका शीर्षक था — "मैं नहीं डरती"। यह किताब अब मैक्सिको के स्कूलों में पढ़ाई जा रही है। उनका पसंदीदा रंग नीला है, और वो हर दिन एक नई लड़की को लिखकर प्रेरित करती हैं।

टिप्पणि

  • Sanket Sonar
    Sanket Sonar

    फातिमा ने जो किया वो सिर्फ एक टाइटल जीतने के बारे में नहीं था ये एक सिस्टम के खिलाफ एक स्टेटमेंट था
    और ये जीत उसकी आवाज की जीत है न कि सुंदरता की

  • Vasudha Kamra
    Vasudha Kamra

    इस जीत का असली मतलब ये है कि कोई भी लड़की अपने आत्मसम्मान के लिए स्टेज छोड़ सकती है और फिर भी दुनिया को अपनी तरफ खींच सकती है
    ये बहुत कमजोर लगता है लेकिन असल में ये सबसे बड़ी ताकत है

  • Abhinav Rawat
    Abhinav Rawat

    एक ऐसी घटना जहाँ एक व्यक्ति की बात ने पूरी प्रतियोगिता का अर्थ ही बदल दिया ये बहुत अजीब है
    लेकिन शायद यही तो है जिससे इतिहास बनता है
    एक शब्द जो अपमान के रूप में बोला गया वही आवाज बन गया जिसने दुनिया को जगा दिया
    इसलिए शायद अपमान कभी-कभी एक बहुत बड़ा बदलाव का बीज होता है
    और ये बीज अब दुनिया भर में फैल रहा है
    हम जिस चीज को अपमानजनक समझते हैं वो अक्सर हमारे सामाजिक नियमों की आंतरिक भूख को दर्शाता है
    और फातिमा ने उस भूख को खाने के बजाय उसे देखने का निर्णय लिया
    ये एक नया तरीका है जिससे हम शक्ति को परिभाषित कर सकते हैं
    शक्ति अब बाहरी खूबसूरती नहीं बल्कि अंदरूनी अखंडता है
    और ये बदलाव सिर्फ पेजेंट्स तक सीमित नहीं है ये हर ऐसे संस्थान के लिए एक निमंत्रण है जो लोगों को अपने आत्मसम्मान के लिए दबाव डालते हैं
    हम जिस चीज को स्वीकार करते हैं वो हमारे लिए नैतिकता बन जाती है
    और अगर हम एक निर्देशक के अपमानजनक शब्दों को नहीं रोक पाए तो हम सब उसी नैतिकता के शिकार बन जाते हैं
    फातिमा ने इस नैतिकता को तोड़ दिया
    और इस तरह उसने हम सबको एक नया सवाल पूछा
    क्या हम अपने आत्मसम्मान के लिए खड़े हो सकते हैं या हम अपने सामाजिक नियमों के लिए झुक जाएंगे
    ये सवाल अब हर लड़की के लिए एक जिम्मेदारी बन गया है

  • Shashi Singh
    Shashi Singh

    ये सब एक बड़ा नाटक है!! असल में थाईलैंड के सरकारी एजेंसियां इसे बना रही हैं ताकि मिस यूनिवर्स को एक बड़ा ट्रेंड बना सकें!!
    क्या आपने देखा कि अचानक से सभी प्रतियोगिनियां चली गईं??
    ये बिल्कुल एक ब्रांडिंग स्ट्रैटेजी है!!
    मैक्सिको के लिए ये बहुत बड़ा प्रमोशन है!!
    और फातिमा की किताब भी अचानक स्कूलों में क्यों आ गई??
    ये सब फंडिंग के लिए है!!
    किसी ने इसे बनाया है!!
    किसी ने वीडियो लीक किया है!!
    किसी ने इत्सारग्रिसिल को बर्बाद करने के लिए इसे लॉन्च किया है!!
    मैं बस यही कह रहा हूं ये सब एक बड़ा रियलिटी शो है!!
    और हम सब उसके निर्माण के हिस्से हैं!!
    क्या आप ने ध्यान दिया कि विक्टोरिया ने अपने ताज वापस ले लिया था??
    ये एक गोपनीय डील थी!!
    और अब वो डॉक्यूमेंट्री भी तैयार है??
    कौन फंड कर रहा है??
    कौन बोल रहा है??
    ये सब एक बड़ा राज़ है!!

  • Surbhi Kanda
    Surbhi Kanda

    इस घटना में एक अहंकार की बात नहीं है ये एक गंभीर संस्थागत असमानता का मामला है
    जब एक निर्देशक एक प्रतियोगिनी को मूर्ख कहता है तो वो एक शक्ति संरचना का प्रतिनिधित्व करता है
    और फातिमा ने उस शक्ति को अस्वीकार कर दिया
    ये कोई शो का हिस्सा नहीं है ये एक अभिनय नहीं है
    ये एक जीवन जीने का फैसला है
    और इस तरह के व्यवहार को अब कभी नहीं बर्दाश्त किया जाना चाहिए
    मिस यूनिवर्स एक पेजेंट है लेकिन इसके पीछे एक संस्था है जिसकी जिम्मेदारी है
    अगर ये संस्था अपने अधिकारियों को नियंत्रित नहीं कर सकती तो ये एक निर्माण नहीं बल्कि एक धोखा है
    और अब ये नियम लागू हुआ है तो ये एक शुरुआत है न कि एक अंत

  • Sandhiya Ravi
    Sandhiya Ravi

    मैंने ये वीडियो देखा था और आंखें भर आई थीं
    फातिमा ने जो दिखाया वो बहुत कम लोग कर पाते हैं
    वो डर गई होगी लेकिन वो नहीं भागी
    वो अपने आप को बर्बाद नहीं होने दिया
    और जब वो वापस आई तो उसने सिर्फ अपनी आवाज बनाई
    ये जीत उसकी है लेकिन ये हम सबकी है
    हम सबके लिए एक नया मानक बन गया
    अब कोई भी लड़की जब कोई उसे बुरा कहेगा तो वो याद करेगी कि फातिमा ने भी ऐसा किया था
    और वो जीत गई थी

  • pravin s
    pravin s

    क्या आप लोग जानते हैं कि इससे पहले भी एक लड़की ने ऐसा किया था? 2018 में एक नाइजीरियाई लड़की ने एक निर्देशक के व्यवहार के खिलाफ अपना टाइटल वापस ले लिया था
    लेकिन उसके बाद कोई नहीं बोला
    इस बार दुनिया ने सुना

  • Bharat Mewada
    Bharat Mewada

    एक आवाज के रूप में जीतना एक बहुत बड़ा अर्थ है
    सुंदरता का अर्थ अब बाहरी नहीं बल्कि आंतरिक बल है
    और ये बदलाव बहुत जरूरी है
    हम सब इस तरह के नए मानकों के लिए तैयार हैं?

  • Ambika Dhal
    Ambika Dhal

    ये सब बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन क्या आप लोग भूल गए कि ये सब एक ब्रांड है
    फातिमा की किताब भी अचानक स्कूलों में क्यों आई?
    क्या ये नहीं है कि किसी ने उसके लिए एक प्रोफाइल बनाया है?
    और अब वो डॉक्यूमेंट्री?
    क्या आप नहीं सोचते कि ये सब एक बड़ा मार्केटिंग अभियान है?
    और इत्सारग्रिसिल को बर्बाद करने के लिए ये सब बनाया गया है?
    ये एक नया तरीका है लोगों को भावनाओं से जोड़ने का
    ये सब बहुत खतरनाक है

  • Vaneet Goyal
    Vaneet Goyal

    ये घटना एक ऐतिहासिक मोड़ है
    किसी ने एक निर्देशक के अपमानजनक शब्दों के खिलाफ स्टेज छोड़ा
    और फिर भी जीत गया
    ये नया नियम लागू होना बहुत जरूरी था
    लेकिन अब ये नियम सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि असल में लागू होना चाहिए
    और ये जिम्मेदारी सिर्फ ऑर्गनाइजेशन की नहीं बल्कि हर दर्शक की है
    हमें अब इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए
    अगर हम चुप रहे तो ये फिर से होगा

  • Amita Sinha
    Amita Sinha

    ओह माय गॉड ये तो बहुत बढ़िया है 😭😭😭
    फातिमा तो एक एंजेल है 🙏💖
    मैंने उसकी किताब पढ़ी और रो पड़ी 😭
    ये जीत मेरी भी है 😭
    मैं भी डरती हूँ लेकिन अब मैं खड़ी होऊंगी 💪✨
    क्या आप लोग जानते हो उसका पसंदीदा रंग नीला है? मैंने आज नीला शर्ट पहन लिया 😍💙

  • Bhavesh Makwana
    Bhavesh Makwana

    इस जीत का मतलब ये है कि हम सब एक दूसरे के लिए खड़े हो सकते हैं
    फातिमा ने अपनी आवाज बनाई और दुनिया ने सुना
    ये बहुत बड़ी बात है
    अब हर लड़की के लिए ये एक नया नमूना है
    हमें इसे आगे बढ़ाना होगा
    और हर ऐसे व्यवहार के खिलाफ खड़े होना होगा
    ये सिर्फ एक पेजेंट नहीं ये एक आंदोलन है

  • Vidushi Wahal
    Vidushi Wahal

    मैंने फातिमा का वीडियो देखा था
    उसकी आवाज में बहुत शांति थी
    और वो बोल रही थीं जैसे वो जानती हों कि वो ठीक हैं
    ये बहुत कम लोगों को आता है

  • Narinder K
    Narinder K

    तो फिर थाईलैंड की लड़की का दूसरा स्थान क्यों? क्या वो भी बर्बाद हो गई?
    ये तो बहुत अजीब है
    क्या ये भी एक प्लान था?

  • Narayana Murthy Dasara
    Narayana Murthy Dasara

    ये बहुत खूबसूरत है
    एक लड़की जो अपनी आवाज बनाने के लिए स्टेज छोड़ देती है
    और फिर भी जीत जाती है
    ये बहुत प्रेरणादायक है
    मैं अपनी बहन को ये कहानी सुनाऊंगा
    उसे भी ये बताऊंगा कि वो अपनी आवाज बना सकती है
    और अगर कोई उसे बुरा कहे तो वो बस खड़ी हो जाए

  • lakshmi shyam
    lakshmi shyam

    ये सब बहुत नाटकीय है और बहुत बेकार
    मिस यूनिवर्स तो एक सुंदरता की प्रतियोगिता है
    इसमें आवाज और साहस का क्या काम?
    ये लड़की ने अपनी आवाज बनाने के लिए शो छोड़ दिया
    लेकिन उसका ताज कैसे जीता?
    ये तो बहुत अन्याय है

  • Sabir Malik
    Sabir Malik

    मैं जब ये वीडियो देख रहा था तो मुझे लगा कि मैं भी उस लड़की की जगह हूं
    क्योंकि मैंने भी अपने जीवन में ऐसा किया है
    किसी ने मुझे बुरा कहा और मैं चला गया
    लेकिन फिर भी मैं अपने आप को बर्बाद नहीं होने दिया
    फातिमा ने जो किया वो मैंने भी किया था
    और आज मैं भी एक आवाज हूं
    और ये जीत उसकी है
    लेकिन ये हम सबकी है

  • Debsmita Santra
    Debsmita Santra

    मैं फातिमा की आवाज को बहुत पसंद करती हूं
    उसकी आवाज में बहुत शांति थी लेकिन बहुत ताकत भी थी
    और ये बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है
    क्योंकि हम सब अक्सर डर के कारण चुप रह जाते हैं
    लेकिन उसने डर को अपनी आवाज में बदल दिया
    और ये बहुत बड़ी बात है
    मैंने अपने छोटे भाई को ये वीडियो दिखाया
    और उसने कहा मुझे भी ऐसा करना है
    मैं तो बहुत खुश हुई
    क्योंकि ये बदलाव छोटे से शुरू होता है
    एक लड़की की आवाज से
    और फिर एक दुनिया तक
    हमें ये बदलाव नहीं भूलना चाहिए
    हमें ये याद रखना चाहिए कि अपमान के खिलाफ खड़े होना एक बहुत बड़ी ताकत है
    और फातिमा ने ये ताकत दिखाई
    और अब हम सबको इसे आगे बढ़ाना है

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