मेन्यू

राजस्थान में पेट्रोल कीमत घटी, मई में हुई थी भारी वृद्धि

/ द्वारा parnika goswami / 18 टिप्पणी(s)
राजस्थान में पेट्रोल कीमत घटी, मई में हुई थी भारी वृद्धि

राजस्थान के आम नागरिकों के लिए 26 मई 2026 का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। आज तक द्वारा प्रकाशित ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पेट्रोल की खूदरा कीमत 113.09 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। यह रेट पिछले दिन, यानी 25 मई को दर्ज की गई 113.91 रुपये की कीमत से 82 पैसे कम है। हालांकि यह गिरावट मामूली लग सकती है, लेकिन इस महिने की शुरुआत से अब तक की तुलना करें तो तस्वीर काफी अलग है।

यहाँ बात सिर्फ एक दिन की कीमत नहीं है, बल्कि पूरे महीने के उतार-चढ़ाव की है। मई 2026 की शुरुआत में, 1 मई को पेट्रोल की कीमत 105.71 रुपये पर थी। महिने भर में यह दर लगातार बढ़ती चली गई और 25 मई को 113.91 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई। इसका मतलब है कि महिने भर में पेट्रोल लगभग 8.20 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। 26 मई की कीमत (113.09 रुपये) को 1 मई की कीमत से मिलाने पर भी 7.38 रुपये का अंतर साफ़ नज़र आता है।

मई में हुई चार बार कीमतों में वृद्धि

इतनी तेज़ी से कीमतों में इजाफा क्यों हुआ? इसका जवाब मिलता है बलबीर गुर्जर और Kdi Yojna नामक यूट्यूब चैनल द्वारा 25 मई को प्रकाशित एक रिपोर्ट में। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मई 2026 में ईंधन कीमतों में चार बार वृद्धि हुई:

  • 15 मई 2026: पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि हुई।
  • 19 मई 2026: इस दिन भी दामों में और इजाफा किया गया।
  • 23 मई 2026: तीसरी बार कीमतें बढ़ाई गईं।
  • 25 मई 2026: सबसे हालिया वृद्धि 90 पैसे प्रति लीटर की रही।

इन लगातार वृद्धियों के कारण ही महीने के अंत में कीमतें तीन अंकों के ऊपर निकल गईं। "एबीपी लाइव" ने अपनी रिपोर्ट में भी इस बात पर जोर दिया कि उपभोक्ताओं को यह जानना चाहिए कि उनके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम कितने बढ़े हैं या घटे हैं, क्योंकि हर शहर में टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर रेट अलग-अलग होते हैं।

अन्य प्रमुख शहरों में स्थिति

राजस्थान की स्थिति को राष्ट्रीय संदर्भ में देखना भी जरूरी है। 26 मई 2026 को अन्य बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:

  • चेन्नई: 107.87 रुपये प्रति लीटर (दिन में 0.10 रुपये की संभावित वृद्धि)।
  • कोलकाता: 113.47 रुपये प्रति लीटर (कीमत अपरिवर्तित रही)।
  • मुंबई: 111.21 रुपये प्रति लीटर (मामूली 0.03 रुपये की वृद्धि)।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि कोलकाता और राजस्थान की कीमतें एक-दूसरे के करीब हैं, जबकि चेन्नई में कीमतें तुलनात्मक रूप से कम हैं। मुंबई में स्थिति स्थिर रहते हुए मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया।

गर्मी और कीमतों का असर

कीमतों में वृद्धि का सबसे बुरा असर उस समय पड़ रहा है जब राजस्थान

मौसम विभाग ने जैसलमेर और जोधपुर सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बुंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में भीषण गर्मी और लू की चेतावनी दी गई है।

इस स्थिति में वाहनों का उपयोग बढ़ जाता है, जिससे एसी और पंखों के लिए बिजली खपत के साथ-साथ यात्रा के लिए ईंधन की मांग भी बढ़ जाती है। जब ईंधन महंगा हो और गर्मी भी सिर चढ़कर बोल रही हो, तो आम आदमी के लिए जीवन जीना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में सरकारों को सब्सिडी या नियंत्रण के उपाय करने चाहिए, लेकिन वर्तमान में कीमतें बाजार के नियमों पर चल रही हैं।

Frequently Asked Questions

राजस्थान में 26 मई 2026 को पेट्रोल की कीमत क्या है?

26 मई 2026 को राजस्थान में पेट्रोल की कीमत 113.09 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। यह रेट पिछले दिन की कीमत 113.91 रुपये से 82 पैसे कम है।

मई 2026 में पेट्रोल की कीमत में कितनी वृद्धि हुई?

मई 2026 की शुरुआत में (1 मई) पेट्रोल की कीमत 105.71 रुपये थी, जो महीने के अंत में 113.91 रुपये तक पहुँच गई। इस प्रकार महिने भर में कुल 8.20 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

क्या राजस्थान में गर्मी के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी है?

हाँ, मौसम विभाग ने जैसलमेर और जोधपुर सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। 25 मई से 2 जून तक 'नौतपा' के दौरान भयानक गर्मी और लू की चेतावनी दी गई है।

अन्य शहरों में पेट्रोल की कीमतें कैसी हैं?

26 मई 2026 को चेन्नई में पेट्रोल 107.87 रुपये, कोलकाता में 113.47 रुपये और मुंबई में 111.21 रुपये प्रति लीटर था। कोलकाता की कीमत राजस्थान के करीब है।

मई में पेट्रोल की कीमत कब-कब बढ़ी?

मई 2026 में पेट्रोल की कीमत 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को चार बार बढ़ी। 15 मई को सबसे ज्यादा (लगभग 3 रुपये) वृद्धि हुई थी।

टिप्पणि

  • Navya Anish
    Navya Anish

    ये सब झूठ है। सरकार हमें बेवकूफ बना रही है।

  • Siddharth SRS
    Siddharth SRS

    मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि यह आर्थिक स्थिति अत्यंत गंभीर है और आम जनता को इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि ऐतिहासिक डेटा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जब भी वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, तो स्थानीय उपभोक्ताओं पर सबसे अधिक बोझ पड़ता है, इसलिए हमें अपनी बचत की नीतियों को फिर से देखना होगा और अनावश्यक खर्चों को कम करना होगा ताकि हम इस आर्थिक संकट से निपट सकें।

  • Anoop Sherlekar
    Anoop Sherlekar

    चिंता मत करो दोस्तों! 😊 हर कठिन समय के बाद अच्छा समय आता है। हम सब मिलकर इसे सहन कर लेंगे। 💪🔥

  • Shreyanshu Singh
    Shreyanshu Singh

    सरकार का काम ही यही है ना की लोगो को लूटे और फिर थोड़ी सी रियायत देकर खुद को बचा ले। ये खेल बहुत पुराना है।

  • Swetha Sivakumar
    Swetha Sivakumar

    देखिए, राजस्थान में गर्मी बहुत तेज है और एसी चलाने के लिए बिजली और ईंधन दोनों की जरूरत होती है। हालांकि कमी बहुत छोटी है लेकिन दिशा सही है।

  • Prashant Sharma
    Prashant Sharma

    आपको समझना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने का असर भारत जैसे देशों पर पहले पड़ता है। यह कोई स्थानीय समस्या नहीं है, यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक हिस्सा है जिससे बचना नामुमकिन है।

  • Mike Gill
    Mike Gill

    sach kahu toh hum sab thak chuke hain. har mahine rate badhte jaate hain aur hamari salary wahi rehti hai. kya karein ab?

  • diksha gupta
    diksha gupta

    मुझे लगता है कि हमें अपनी यात्राओं को कम करना चाहिए और साइकिल या पैदल चलने की आदत डालनी चाहिए। प्रकृति के प्रति हमारा व्यवहार बदलना जरूरी है।

  • Jay Patel
    Jay Patel

    ये जो 82 पैसे की कमी आई है, वो सिर्फ दिखावा है। असली मंशा तो टैक्स बढ़ाकर लोगों की जेब खाली करना है। 🤡💸

  • कमल कमल
    कमल कमल

    भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, इसलिए थोड़े से उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करना चाहिए। हमें अपने विकास की गति पर ध्यान देना चाहिए, न कि कुछ पैसे के अंतर पर रोना चाहिए। यह एक स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत है कि बाजार के नियम लागू होते हैं। 😊

  • harsh gupta
    harsh gupta

    मुझे पूरा यकीन है कि यह सब एक षड्यंत्र है। वे जानबूझकर कीमतें बढ़ा रहे हैं ताकि लोग सड़कों पर उतरें और शासन को चुनौती दें।

  • Megha Khairnar
    Megha Khairnar

    हमें अपने समाज में एकता बनाए रखनी चाहिए। इस मुश्किल समय में एक-दूसरे की मदद करना ही हमारी संस्कृति की पहचान है।

  • Twinkle Vijaywargiya
    Twinkle Vijaywargiya

    हाँ; मैं भी उसी राय हूँ।; हमें मिलजुल कर काम करना चाहिए।; और सरकार से अपील करनी चाहिए।;

  • Suresh Kumar
    Suresh Kumar

    शायद भविष्य में कुछ बदलाव आएंगे। अब तो बस इंतज़ार करना ही शेष है।

  • Subramanian Raman
    Subramanian Raman

    मुझे लगातार वृद्धि चिंताजनक लग रही है। क्या कोई और जानकारी है? 🤔

  • Sohni Bhatt
    Sohni Bhatt

    आप लोग समझते भी क्या हैं कि अर्थव्यवस्था कैसे काम करती है? यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई कारक शामिल होते हैं, और सरलता से इसे समझना भूल है। हमें अपनी सोच को विकसित करना होगा और ऐसे बुद्धिमान निर्णय लेने चाहिए जो दीर्घकालिक लाभ प्रदान करें, न कि केवल तत्काल राहत की मांग करें।

  • Pranav Gopal
    Pranav Gopal

    हमें सबको एक साथ आना चाहिए और इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

  • Sai Krishna Manduva
    Sai Krishna Manduva

    यदि हम गहराई से देखें, तो यह केवल पैसे का मामला नहीं है, बल्कि जीवन जीने के तरीके का प्रश्न है। क्या हम वास्तव में उन चीजों के लिए जी रहे हैं जो हमें खुश करती हैं, या केवल सामग्रीवादी इच्छाओं के दास बन गए हैं?

एक टिप्पणी लिखें

*

*

*