शाकिब अल हसन पर हत्या का मुकदमा दर्ज, शेख हसीना भी आरोपी

/ द्वारा parnika goswami / 0 टिप्पणी(s)
शाकिब अल हसन पर हत्या का मुकदमा दर्ज, शेख हसीना भी आरोपी

शाकिब अल हसन और शेख हसीना के खिलाफ हत्या का आरोप

बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान और मशहूर ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का नाम भी शामिल है।

यह मुकदमा रफीकुल इस्लाम ने दर्ज कराया है, जिनके बेटे रूबेल की मौत पिछले 7 अगस्त को बांग्लादेश में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थी। रूबेल आदाबर के रिंग रोड पर होने वाली एक रैली का हिस्सा था, जहां उसे गोली मार दी गई थी। सीने और पेट में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मुकदमे को ढाका के आदाबर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जिसमें शाकिब को 28वां और लोकप्रिय अभिनेता और पूर्व सांसद फर्दोस अहमद को 55वां आरोपी बताया गया है। दोनों शख्स पहले अवामी लीग से सांसद रह चुके हैं।

प्रदर्शन और राजनीतिक परिवर्तन

प्रदर्शन और राजनीतिक परिवर्तन

बांग्लादेश में हाल के छात्र आंदोलन के दौरान हुए हिंसक घटनाओं और सरकारी नियमों के विरोध के कारण शेख हसीना की सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 450 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप, शेख हसीना ने 5 अगस्त को देश छोड़ दिया था।

इस विरोध के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष नजमुल हसन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नजमुल हसन, जो पहले शेख हसीना के करीबी माने जाते थे, उन्होंने 2012 से BCB के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी थीं।

बीसीबी में नई नियुक्तियां

बीसीबी में नई नियुक्तियां

नजमुल हसन के इस्तीफे के बाद, बीसीबी ने पूर्व कप्तान फारूक अहमद को नया अध्यक्ष नियुक्त किया। फारूक अहमद ने 1994 में केन्या में हुए ICC ट्रॉफ़ी दौरान बांग्लादेश की कप्तानी की थी और सात वनडे मैच खेले थे। उन्होंने 1999 विश्व कप के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

क्या है आगामी चुनौतियां?

फारूक अहमद को बीसीबी के अध्यक्ष के रूप में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। बांग्लादेश की क्रिकेट टीम को फिर से एकजुट करना और युवा प्रतिभाओं को विकसित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश के राजनीति और खेल जगत में नई हलचल मचा दी है। सवाल यह है कि क्या यह विवाद भविष्य में और तनाव पैदा करेगा या देश को स्थिरता की ओर ले जाएगा?

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